आदिवासी विस्तार की सबसे बड़ी उपलब्धि खेरोज में राणा पुंजा भील पुस्तकालय की स्थापना


रिपोर्ट – विनोद कुमार (Kotdatimes)
25/1/2021

पोशीना खेड़ब्रह्मा और दांता आदिवासी विस्तार की सबसे बड़ी उपलब्धि अगर खेरोज में स्थापित हुए पुस्तकालय को कहेंगे तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी | क्योंकि खेड़ब्रह्मा का खेरोज पोशीना दांता और खेड़ब्रह्मा इन सभी के बीच वाला वो स्थान है जहा पर आकर कोई भी कॉलेज या अन्य आदिवासी विस्तार के लड़के लड़किया किताबे पढ़ सकते है |जीवन में चलने का नाम जिंदगी किन्तु इस जीवन के लिए जरुरी होता है पैसा और उसकी कमी से कई विद्यार्थी अपनी पढाई भी छोड़ देते है | कारण सही मार्गदर्शन नहीं मिल पाना कोचिंग नहीं मिल पाना | साथ ही पुस्तकों की कीमत अधिक होने से उसे खरीद नहीं पाना | आदिवासी विस्तार पहले से पिछड़ा हुआ है |

जहा हर कोई अपने लिए बड़ी महंगी किताब को ले पाए ये कैसे पॉसिबल हो | इसी को ध्यान में रखकर खेरज में स्थापित ये पुस्तकालय आदिवासी समाज के लिए बहुत ही ज्यादा उपयोगी और वरदान साबित होगी |अब आदिवासी विस्तार से भी युवा युवतिया प्रतियोगिता में अपनी भागीदारी देंगे और अधिकारी व कर्मचारी बनेगे |यह पुस्तकालय सरकारी नौकरीयों की प्रतियोगी परीक्षाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया हैं। अगर आदिवासी क्षेत्र का हर युवा इस पुस्तकालय का पुरी मेहनत के साथ सही उपयोग करता है तो उसे सरकारी नौकरी में जाने से कोई नही रोक सकता ।इस पुस्तकालय के लिए उन तमाम लोगों सरपंच,जनप्रतिनिधि,नेता युवा एवं सामाजिक संगठन तथा सहयोगी एवं पुरे तन मन से भागीदारी देने वाले सभी का कोटड़ा टाइम्स दिल से सलाम करता है |

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