आबू रोड के भामरिया फली में गणगोर ‘कुणो वाले दीकरे, रे.. ‘हंवजी भंवर वांरीयू,.

रिपोर्ट -सविता बेन गरासिया (Kotdatimes.com) 14/4/2022

आबूरोड.( सिरोही) आबूरोड के रेवदर मार्ग पर धामसरा पंचायत की भामरिया फली में गुरुवार को दो दिवसीय गणगौर के दूसरे दिन शिव और पार्वती की सवारी को अविवाहित कन्याओं ने व्रत रखकर वाद्य यंत्रों की धुन पर नृत्य किया आसपास के गावों के महिला एवं पुरुषों ने नृत्य गान संस्कृति अनुरूप शैली में प्रस्तुत किए।


कुणो वाले दीकरे रे…. हंवजी भंमर वारीयू.. के गणगौर गीत से दो दिवसीय गणगौर का हुआ था शुभारंभ:-
दो साल बाद भामरिया गणगौर का बुधवार को देर शाम ढोल वादन के साथ पूजा अर्चना एवं स्थानीय गणगौर गीत ‘कुणो वाले दीकरे रे,.. हंवजी भंमर वारीयू…!तथा उसके बाद “मोट-मो टेरा, होवो गौर बाई… के साथ शिव और पार्वती की झांकी तैयार की गई, अविवाहित कन्याओं ने शुद्ध जल, अक्षत, धूपबत्ती, नैवेद्य, दीप, पुष्प व अन्य श्रृंगार से सजाई गई ।

रात्रि में जागरण के दौरान स्थानीय संस्कृति के नृत्य गान व्रत धारी कन्याओं सुहागिनों ने भौर विभौर तक जारी रखें,।दूसरे दिन स्थानीय संस्कृति का संगम उमड़ पड़ा। पुरुषों के ढोल वादन पीछे शिव पार्वती की सवारी का नृत्य खुशियों और स्थानीय संस्कृति का संगम बन गया।

भांमरिया युवा कमेटी व स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने संभाली व्यवस्था की कमान:-
धामसरा पंचायत के भामरिया फली के इस गणगौर मेले में 10-12 युवाओं ने बैंज धारण कर अनुशासन व्यवस्था एवं सहयोग की बखूबी भूमिका निभाई तथा स्थानीय ग्राम पंचायत सरपंच हंजा बहन पंचायत समिति सदस्या मेंवीबैन एवं गणगौर मेले के मुख्य सेवादार मेवाराम आदि मैलार्थियो कि हर संभव सुविधा के लिए तत्पर दिखे। अंत में देर शाम विधिवत पूजा अर्चना के साथ विसर्जन किया गया।

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