कोटडा के बुझा और सांडमारिया में बनने वाले डेम रोकने हेतु मांडवा में पांच घंटे धरना

रिपोर्ट- विनोद कुमार (Kotdatimes.com) 15/4/22

उदयपुर से कुल 150 किमी दूर बसे बाखेल मांडवा में आज भारी संख्या में लोगों ने सडक पर बैठकर धरना दिया | धरने के दौरान मांडवा से स्वरूपगंज और कोटडा का यातायात व पोशिना जाने के साधन भी बंद रहे |क्योंकि सड़कों पर पत्थर कांटे व बड़े पेड़ो की लकडिया डाल दी थी |

साथ ही पूरा मांडवा भी बंद रहा | धरने के पीछे का कारण राज्य सरकार की और से कोटडा में दो डेम बनाने की घोषणा है | स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय जागरूक लोगों के सहयोग से इस धरने में युवा,बच्चे,औरते,एवं बुजर्ग भी शामिल हुए |

क्यों करना पड़ा धरना ?

कथित जानकारी और राज्य सरकार की घोषणा अनुसार कोटडा में जो दो डेम बुझा का नाका और चक सांड मारिया बनने जा रहे है उससे स्थानीय लोगों को कुछ लाभ नही है | इसके साथ ही यंहा बनाये जा रहे बांध से पानी सिरोही और पाली में पहुँचाया जाएगा | इस डेम के बनने से यंहा के करीब 12 से 14 पंचायत के 24 से अधिक गाँव के लोग विस्थापित हो जायेंगे |

इसी कारण इस डेम बनने की घोषणा के आसपास वाली सभी पंचायत एवं गाँव के लोग इसका उसी समय से पुरजोर विरोध कर रहे है | डेम ना बने इसके लिए स्थानीय लोगों एवं जनप्रतिनिधियों ने उपखंड कार्यालय पर ज्ञापन भी दिया किन्तु जब कोई जवाब आगे से नही आया तो लोगों को मजबूरन इस धरने को करना पड़ा | 

धरने में अन्य कई जनप्रतिनिधि भी हुए शामिल

मांडवा बाखेल में हो रहे धरने की सुचना मिलने पर झाडोल विधानसभा क्षेत्र के विधायक बाबु लाल खराडी भी आये,एवं इनके साथ ही कोटडा प्रधान सुगना देवी,पूर्व प्रधान मुरारी लाल बुम्बरिया,कोटडा मंडल अध्यख निर्मल गरासिया व डूब क्षेत्र में आने वाले सभी पंचायत के सरपंच,उपस्थित रहे | धरना स्थल से विधायक साहेब ने कहा की उन्होंने डेम की जब घोषणा हुई तब भी इसके लिए विधान सभा में बात रखी थी और वे अब भी जनता के साथ है |

कोटडा प्रधान ने तो लोगों को यंहा तक कह दिया की इस डेम की जब नींव बनेगी तब मैं उसपर सोयुंगी पर डेम नही बनने दूंगी | इसके अलावा पूर्व प्रधान मुरारी लाल ने कहा की हमारे आदिवासी क्षेत्र में हमारा अपना अधिकार होता है पेसा कानून का जिक्र करते हुए कहा की हम अपने अधिकारों के जरिये ये डेम नही बनने देंगे |

अंत में कोटडा से पुलिस उप अधीक्षक एवं नायब तहसीलदार भी आये और उन्होंने जनप्रतिनिधियों के साथ बात की और दो दिन में इसके लिए उदयपुर कलेक्टर तक जनप्रतिनिधि द्वारा साथ रहकर बातचीत करवाने का आश्वासन दिया और धरना स्थगित करवाया |

इस पुरे धरने के दौरान कोटडा से हिम्मत तावड़,देवीलाल तराल,सुरेश गरासिया समाज हितेषी भी शामिल हुए | साथ ही मांडवा एवं कोटड़ा के आसपास के थानों से भी पुलिस सुरक्षा हेतु आई | पुरे कार्यक्रम में लोग अपने हथियार तलवार तीर कमान एवं ढोल के साथ दिखे | लोगों ने धरना तो समाप्त किया किन्तु साथ ही ये भी कहा की हम अगर डेम बनना नही रुकता है तो दुबारा सडको पर आयेंगे |

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