ढोल वादन की थाप के पीछे चली “आबू रोड चोटिला गणगौर,, की सवारी


रिपोर्ट – सविता बेन ग्रासिया 24/4/22(Kotdatimes.com)

  • गणगौर पर आधारित सांस्कृतिक गीतों की रही गूंज आबूरोड ( सिरोही) आबूरोड के महीखेड़ा गांव में चोटिला गणगौर के नाम से पहचान रखने वाला गणगौर मेला दूसरे दिन रविवार को भरा। मेले मे गणगौर की सवारी को वाद्य यंत्रों की धुन के साथ व्रत धारी महिला उपासको ने सिर पर धारण कर दिन भर अथक नृत्य किया।
  • पवित्र हाथों से संजता और उतरता श्रृंगार:-दो दिवसीय चोटिला गणगौर मैला शनिवार सांयकालीन से आरंभ होकर रात्रि को और रविवार साय: काल तक परवान पर रहा, उपासक कन्याओं द्वारा इस बीच पवित्र हाथों से गणगौर का श्रृंगार संजता और उतरता रहा।

  • संस्कृति के संगम मे यहां की शिरकत:-इलाके में चनार के देवराजी मैले, धामसरा की भामरिया गणगौर के साथ-साथ चोटिला की इस गणगौर में भी आसपास मही खेड़ा, चोटिला, चनार, बहादुरपुरा, वाजना, गिरवर, बगेरी, चंडेला, आंदलिया, आवल, मुंगथला तलवार का नाका गणका, रेडवाकला, क्यारियां दूनाकाकर, भक्योरजी, चोरवाव, अंबावेरी,धामसरा के अलावा समीप रेवदर तहसील के करजिया आसपास के ग्रामीण तथा गुजरात के अमीरगढ़ तालुका के मेलार्थी खासी तादाद में उत्साह और उमंग के साथ शिरकत करते हैं।रविवार को साय:काल देर गणगौर का विधि विधान के साथ विसर्जन किया गया।
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