दो आदिवासी भाइयों के साथ मारपीट – साबरकांठा पुलिस ने 20 दिन बाद भी दर्ज नहीं की FIR

48 घंटे बाद हो सकता है हिमतनगर में आंदोलन

रिपोर्ट – विनोद कुमार (कोटड़ा टाइम्स )
5/4/2021

आदिवासियों के साथ अत्याचार की घटना अक्सर सुनने को मिलती है और उसे न्याय नहीं मिलना भी | किन्तु आज एक ऐसी घटना कोटड़ा टाइम्स की टीम को जानने मिली जो की पहले भी कई घटना ऐसी हमने देखीं है | जंहा पुलिस प्रशासन हो या सरकारी प्रशासनिक अधिकारी शायद ही आदिवासी समुदाय की समस्या सुने और उसका समाधान लाने की कोशिश करे |

ये घटना बड़ी ही दर्दनाक है क्योंकि इसमें गुजरात के साबरकांठा जिले की तहसील विजयनगर के गाँव खारी बेड़ी के दो आदिवासी भाइयों को वन विभाग कर्मियों द्वारा मारपीट करने की बात सामने आई है | बीते कल खारी बेड़ी में हुई आदिवासी महापंचायत के दौरान समाज सेवी रवजी भाई पांडोर ने बताया की, उनके नजदीकी गांव खारी बेड़ी के रायणिया सरदार भाई और गमार दिता भाई दोनों को धोलवाणी वन विभाग के कर्मियों द्वारा मारपीट की गई | ये घटना 13 मार्च 2021 को हुई है | इसके बाद आदिवासी समाज के आगेवानो द्वारा पुलिस प्रशासन से जुड़े स्थानीय,व जिला स्तर कार्यालय तक जाने के बाद भी FIR नहीं दर्ज की गई |

वन विभाग द्वारा लगाए जा रहे पिलर को लेकर हुआ था झगड़ा

कथित जानकारी से पता चला है की वन विभाग द्वारा वन विभाग में आने वाली जमीन की सीमा में पिलर लगाने का कार्य चल रहा था | उस दौरान इन दोनों भाइयों के खेत में ये पिलर लगाने की कोशिश की गई तो इन्होंने इसका विरोध किया था |

क्यों आयोजित हुई खारी बेड़ी में महापंचायत


खारी बेड़ी के भाइयो को वन विभाग कर्मियों द्वारा मारने की घटना के कारण यह महापंचायत आयोजित हुई | दोनों भाइयों को मारने की रिपोर्ट थाने गए वंहा भी दर्ज नहीं हुई | करीब 19 दिन बाद भी पुलिस या प्रशासन द्वारा कोई कारवाही नहीं की गई तब आदिवादी समाज के संगठन एक हुए और बीते रोज खारी बेड़ी आदिवासी महापंचायत का आयोजन हुआ | इसका उद्देश्य यही था की सरकार तक पीड़ित की बात पहुंचे |

साथ ही जो न्याय मिलना चाहिए वो मिल पाए | कल के कार्यक्रम में मुख्य अथिति आदिवासी विधायक महेश भाई वसावा,केवल सिंह राठोड (राष्ट्रीय सामाजिक एकता जागरूकता मिशन संयोजक ) बामनिया जयंती भाई सामाजिक कार्यकर्ता रवजी भाई पांडोर,आरजे निनामा, जगदीश भाई तराल, ओमप्रकाश मीणा आदि उपस्थित रहे | इसके अलावा गुजरात राजस्थान के विभिन्न संगठन के कार्यकर्ता एवं आदिवासी समाज के आगेवान भी उपस्थित रहे | कार्यक्रम के दौरान आदिवासी भाइयो के साथ हुए अत्याचार पर मुख्य रूप से चर्चा हुई |

48 घंटे बाद हो सकता है हिमतनगर में आंदोलन

आदिवासी महापंचायत के अंत में मीडिया के साथ बातचीत में केवल सिंह राठोड ने बताया की अगर साबरकांठा पुलिस द्वारा इस मामले पर FIR दर्ज नहीं होती है तो हिमतनगर कचेरी पर अनिच्छित कालीन धरना दिया जायेगा |

पुलिस विभाग साबरकांठा का कोटड़ा टाइम्स को जवाब

कोटड़ा टाइम्स द्वारा साबरकांठा पुलिस विभाग से सम्पर्क किया गया किन्तु उनका सही से सम्पर्क नहीं हो पाया | टेलीफोनिक बातचीत की कोशिश जारी है जैसे ही उनका कोई जवाब आता है आप सभी पाठको को तक पहुंचाया जायेगा |

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