बत्तीसा नाला बांध के डूब में आए परिवार दी जा रही भूमि को देखकर भड़के

रिपोर्ट सविता बेन गरासिया 20/5/22 (Kotdatimes.com)


आबूरोड( सिरोही) बत्तीसा नाला बांध के डूब क्षेत्र में आए मीणा छापर( निचला गढ़) के 199 विस्थापित परिवार एवज में दी जा रही चट्टानी पत्थर नुमा कठोर कृषि भूमि को देखकर भड़के।
मौके पर भीमाना( पिंडवाड़ा) स्थित कृषि भूमि के पत्थर पर चढ़कर किया विरोध, जताई असहमति
आबूरोड के निर्माणाधीन बत्तीसा नाला लघु सिंचाई परियोजना के डूब क्षेत्र से विस्थापित हो रहे मीणाछापर निचलागढ़ के 199 परिवारों के लिए भीमाना (पिडवाड़ा) में आवंटित की जा रही कृषि भूमि का मौके पर चट्टाननूमा कठोर पत्थरों को देखकर काश्तकार भड़क गए।


प्रशासन गावों के संग शिविर में आबू उपखंड अधिकारी ने ज्ञापन के बाद अधिकारियों एवं विस्थापितों को मौका स्थल देखने का दिया था निर्देशन:-
18 मई को निचलागढ( आबू रोड) प्रशासन गावों के संग फॉलो अप शिविर में मीणा छापर के विस्थापित परिवारों ने पुनर्वासन एवं पुनर्व्स्थापन के संबंध में ज्ञापन दिया था। ज्ञापन के बाद आबू उपखंड अधिकारी कनिष्क कटारिया ने संबंधित अधिकारियों एवं विस्थापितों को दूसरे दिन 19 मई को मौका स्थल पर जाकर कब्जों के संबंध में निर्देशित किया था।


जताई असहमति:-
19 मई को आवंटित कृषि भूमि मौका स्थल पर जल संसाधन उपखंड आबूरोड के सहायक अभियंता, भूअभिलेख निरीक्षक वाटेरा, पटवारी हल्का भीमाणा, कनिष्ठ अभियंता, आवंटित कृषि भूमि भीमाना मौके पर पहुंचे।
जहां मीणाछापर से पहुंचे विस्थापित परिवारों ने चट्टानी कठोर पत्थरनूमा दी जाने वाली कृषि भूमि को देखकर विरोध के स्वर तेज कर दिए,।

भीमाना में आवंटित की जा रही कठोर चट्टाननूमा कृषि भूमि का विरोध प्रकट करते मीणा छापर के विस्थापित

मौका फर्द तैयार किया गया विस्थापितों ने कृषि भूमि लेने से इनकार किया गया असहमति जाहिर की गई।बाद में कृषि भूमि के कठोर पत्थर पर चढ कर विरोध प्रकट किया गया। विस्थापित परिवार के मकनाराम, भगाराम, माधुराम, रायलाराम, सचिन, देवाराम, गेना राम, रमेश कुमार, भीखाराम, भेराराम, भाणाराम, झूमा राम, सकरी बाई, बाबली बाई, तथा अधिक संख्या में महिला एवं पुरुष विस्थापित पहुंचे।


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