जन्म से दृष्टि हीन बाबू रूपा के निवाले की आंस का जरिया रबी के गेहूं की 2 बीघा फसल आग मे हुई राख

आबूरोड (सिरोही) रिपोर्ट सविता बेन गरासिया (Kotdatimes.com)

भाग्य को कोसता रहा बाबू और बिलख बिलख कर रोया

चनार गांव की भवनाफली में मंगलवार को दोपहर गुजर रही ऊपर विद्युत लाइन की सर्किट से नीचे गिरी चिंगारी से उत्पन्न हुई आग ने गेहूं की फसल को जलाकर नष्ट कर दिया ।


मंगलवार को चनार गांव की भवना फली में एक किसान के खेत में ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइन के सर्किट से नीचे गिरी चिंगारी से उत्पन्न आग ने करीबन 2 बीघा गेहूं की फसल को जलाकर नष्ट कर दिया।आग की घटना में बाबू किसान का रो रो कर बुरा हाल है।

विद्युत लाइन के सर्किट से नीचे गिरी चिंगारी से उत्पन्न हुई आग:-
जन्म से दिव्यांग किसान बाबूलाल पुत्र हराराम के खेत के ऊपर विद्युत लाइन गुजर रही है । किसान ने आसपास के परिजनों की सहायता से उसके खेत में गेहूं की फसल की बुवाई करवाई अब पक कर तैयार हुई कि, मंगलवार को दोपहर ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइन के शॉर्ट सर्किट से नीचे गेहूं की फसल में चिंगारी गिरी, और आग का विकराल रूप अख्तियार हेाकर जंगल की आग की तरह पूरे 2 बीघा खेत में फैल गई। कुछ ही समय में खेत में रबी का पका गेहूं कालिख में जलकर खाक हो गया ।

मंजर सुन लकड़ी के सहारे खेत में आकर लहलहाई फसल के स्थान पर खाली गरम धरती महसूस कर हक्का-बक्का होकर बिलख पडा:-
जैसे ही गेहूं की फसल जलने की जानकारी बाबू किसान को मिली लकड़ी के सहारे खेत पर आया, हमेशा लहलहाने वाली फसल के स्थान पर अपने खेत में कुछ नही महसूस कर उस खेत में खाली गरम भूमि का अनुभव कर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई हक्का बक्का रह गया ।

अपने भाग्य को कोसने लगा मन ही मन कह रहा था कि मेरे पेंशन की आय से अन्यों के सहारे परिश्रम करवाकर तैयार फसल के जल जाने से अब टिकी निवाले की आस भी टूट गई। अब मेरे नसीब में केवल काले कंकर….!

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