27वा मिलन मेला सम्पन्न – मौताणा खत्म करने पर हुई परिचर्चा

रिपोर्ट – कोटड़ा टाइम्स पाठक 23/02/2021(Kotdatimes)

आदिवासी विकास मंच द्वारा 1 दिवसीय मिलन मेला आज संचालक मंडल सदस्यों द्वारा मनाया गया. कोरोना के कारण इस वर्ष 500 महिला पुरुषो की मौजूदगी में इसका आयोजन किया गया. मिलन मेला में बतौर मुख्य अतिथि जिला रसद अधिकारी ज्योति ककवानी और कोटड़ा पुलिस उप निरक्षक भूपेंद्र मौजूद रहे. साथ ही राजस्थान आदिवासी अधिकार मंच के संयोजक धरमचंद खैर, आस्था संस्थान के समन्वयक निदेशक भंवर सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे. 

मेले की शुरुआत परम्परागत वाद्य यंत्रो से हुई जिसमे बाजा, थाली, बांसुरी, ढोलक, थाली बजाकर की गई. महिला पुरुषो द्वारा परम्परागत समूह में नाच किया गया. मेले में इस वर्ष मुख्यतः मौताणा को आदिवासी समाज से समाप्त करने पर जोर दिया गया. मौताणा के कारण जो समाज में टूटन आ रही हैं और परिवार आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक रूप से कमजोर हो रहे है उस पर विशेष परिचर्चा की गई. 

नहीं देंगे मौताणा को बढ़ावा  सभी ने ली शपथ 

मेले में पानरवा, देवला, कोटड़ा, मांडवा, मामेर और पिंडवाड़ा के आगेवान महिला पुरुषो को पुलिस उप अधीक्षक भूपेंद्र ने शपथ दिलवाई. जिसमे उन्होंने मौताणा और समाज को तोड़ने वाले कुरिवाजो में भाग नहीं लेने और अन्य जन को भी इससे दूर रहने की बात की. उन्होंएने खा की हमारे संविधान में किसी बह प्रकार के जुर्म करने वालो के लिए सजा का प्रावधान है हमे उसमे विश्वास को बढ़ाने की जरूरत है. साथ ही  को शिक्षा दिलवाने पर जोर दिया. 

किसने क्या कहा 

बतौर मुख्य अतीथि ज्योति ककवानी ने सबसे पहले राशन की समस्याओ को सुना उन्होंने अलग अलग गांव जिसमे कोदरमाल, महुला, लोहरी, तुली का खेत, चिलरवा, बलीसारनी और भीयाटा के लोगो ने समय रखी. लोगो ने बताया की गाँव में कई परिवारों के नाम खाध्य सुरक्षा की सूचि में नहीं होने से बहुत परेशानी आ रही है. जिसके नाम  खाध्य सुरक्षा सूचि में है उन्हें तो राशन कोरोना में खूब मिला परन्तु जो वंचित थे वे परेशान रहे. इन सभी बातो पर जिला रसद अधिकारी ने कहा की अभी राज्य सरकार द्वारा खाध्य सुरक्षा  में नाम नहीं जोड़े जा रहे है जैसे हो जोड़े जायेगे तब रसद विभाग द्वारा हर गाँव पंचायत में रसद चौपाल आयोजित कर नाम जुड़वाने व् अन्य समस्याओ का समाधान किया जायेगा. इसके साथ ही उन्होंने कहा की कोटड़ा में समुदाय बहुत जागरूक हुआ है सभी अपनी बात अच्छे से बता रहे हैं उन्होंने भी बच्चो को शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया. 

धर्मचंद खेर ने बताया की कोरोना के बाद कई सरकारी काम आगे नहीं बढ़ पा रहे ही जिसमे मुख्यतः वन अधिकार है, जिस पर कोई काम आगे नहीं बढ़ सका है, उन्होंने मंच से सरकार तक बात पहुंचाने पर जोर दिया की आदिवासी इलाको में जो भी रुके हुए है उन्हें गति देनी चाहिए. बाबूलाल गमार ने मौताणा से समाज में हो रहे नुकसान पर बात रखी उनोहोने समाज के आगेवान से अपील की के हमे मिलकर समज को इस कुरुति को दूर करने की जरूरत है. 

भंवर सिंह ने बताया की गाँव के विकास की आयोजना गाँव वाले ही करे इसे सरकार भी मान्यता दे इसके लिए गाँव सभा को अधिक प्रयास करने की जरूरत है. इसके अलावा मेले में नगाराम गरासिया, नारायणलाल पारगी न भी अपने विचार रखे. मेले की सह संयोजक रापलीबाई ने सभी का स्वागत किया। मेले में कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र कुमार, होमाराम, आनंदी बेन ने किया |

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