रिपोर्ट – विनोद कुमार – 28/8/2025
रिपोर्टर – तीन गांव के लोग आए थे क्या बातचीत हुई ?
मंत्री जी – देखिये बांध को लेकर के आये उनको कुछ शंका थी तो मैंने उनको बता दिया है। यह बांध अशोक गेहलोत के समय में 2023 में बजट घोषणा की तब मैंने खड़े होकर विरोध किया की मेरे लोग कहा जायेंगे ?इतनी पंचायतो के लोग कहा बसाओगे ? पुनर्वास क्या होगा। उस समय बाप के नेता राजकुमार और राम प्रसाद डिंडोर जी भी थे कांग्रेस के नेता भी थे लेकिन मेरी मदद के लिए कोई खड़ा नहीं हुआ। और जब जब मुझे विधान सभा में बोलने का मौका मिला है। मैंने बोला है की उन गरीब लोगो के साथ अन्याय मत करिये लेकिन नहीं सुनी। और उस समय माननीय मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत ने इसकी सेशन जारी कर दी। सेशन जारी करके टेंडर कर दिए। टेंडर के बाद वर्क ऑर्डर दे दिया। वर्क ऑर्डर देने तक के बाद सरकार बदल गई। हमारी सरकार आ गई। पिछली सरकार में हमने बहुत धरने प्रदर्शन किये किन्तु किसी ने बात नहीं सुनी। कोई भी कांग्रेस का लीडर आकर के बात करने को तैयार नहीं था। हम रात रुके है कई बार लेकिन किसीने बात सुनी नहीं। और हमारी सरकार आने के बाद मैंने बिलकुल मना कर दिया की बांध नहीं बनेगा। फिर उन्होंने कहा की ये तो वर्क ऑर्डर हो चूका है तो अब इसको अपन रोक नहीं पाते है। तो क्या मैं मेरे लोगो से पुछु। मैंने कई बार मेरे जनप्रतिनिधि को और बाकि लोगो को बुला कर पूछा की आप क्या चाहते है? मैं तो रुकवाऊंगा लेकिन मेरे बाद में ये बांध तो बनेगा। तो इन्होने भी समझदारी से कहा की भाई साहेब हमको ये भी चाहिए, वो भी चाहिए। तो हमने पहली बार इतिहास में ये एक निर्णय लिया है की। जो व्यक्ति बिला नाम की जमीन कमा रहा है। वो चाहे गोचर की जमीन है या वन विभाग की जमीन है। वो सर्व कराएँगे ये जमीन मैं कर रहा हूँ । तो पहली बार बिला नाम की जमीन वन विभाग की जमीन का हम इनको हक़ दे रहे है। ये पहली बार हुआ इतिहास में पहली बार हुआ। कभी हुआ नहीं। उसके बाद हमने कहा की जमीन देखो ,तो ये सभी गांव के लोग जमीन भी देख कर आये है, और सब संतुष्ट है। उसके बाद हमने कहा की भाई जबतक सर्व नहीं होगी तबतक पता नहीं चलेगा की कोनसी जमीन कौन कमा रहा है। कोनसी बिला नाम है की जो हमको पता नहीं है वो पता चलेगा।
दूसरा मैंने ये कहा की भाई ये जो यहाँ पर जो ये बांध बनेगा तो आप पानी कब तक खाली करोगे तो उन्होंने कहा की पानी नवम्बर दिसम्बर तक खाली कर देंगे। तो मैंने कहा जब आप पानी खाली कर देंगे तो जमीन पर जो इसका मूल खातेदार है उसीका का हक़ रहना चाहिए। दूसरे किसी को नहीं मिलना चाहिए। तो उन्होंने इस बात को भी मान लिया है।
जो 18 साल से ऊपर है एक परिवार में सदस्य में चाहे बच्चा है या बच्ची है उन्हें एक इकाई मानकर के पुनर्वास का उनको 8 लाख 35 हजार रूपये देंगे। तो इस प्रकार के कई इशू थे।

रिपोर्टर – कल बाखेल में मीटिंग हुई तो वहा आपका ही विरोध कर रहे थे की उन्होंने वादा किया और अब डेम निरस्त करवाने का कोई प्रयास नहीं कर रहे है तो उनको क्या कहना चाहते है।
मंत्री जी – नहीं मैंने तो प्रयास पूरा कर लिया है। मै इनके साथ खड़ा हूँ। आज भी खड़ा हूँ। जब बांध घोषणा हुई तबसे विरोध कर रहा हूँ। उन्होंने अपना पक्का ताबीज करके छोड़ दिया। यहाँ पर वर्क ऑर्डर देके छोड़ दिया। ठेकेदारों को देखा। और जब मैंने देखा की बांध नहीं बना । तो मैंने इन लोगो के साथ यही कहा की देखो मैं आप लोगो के साथ खड़ा हूँ। मै हु तब तक बांध रुकवाऊंगा। बाद में बांध बनेगा। फिर इन्होने कहा की भाई साहेब आप हो जब तक तो हम आप पर भरोसा कर रहे है। बाकि हमको कोई पूछेगा या नहीं पूछेगा। तो ये लोग भी संतुष्ट है ऐसी कोई दिक्कत नहीं है।
रिपोर्टर – अभी जैसा की कल की मीटिंग में अधिकतर ये सवाल उठ रहा था की जब कांग्रेस सरकार थी तब तो वो बोल रहे थे की उनकी सरकार है इसलिए मैं नहीं कर सकता हूँ लेकिन हमारी सरकार आएगी तो हो जायेगा ऐसा वो लोग कह रहे थे उनको क्या जवाब देना चाहेंगे ?
मंत्री जी- कौन कांग्रेस वाले
रिपोर्टर – हां कांग्रेस और बीएपी वाले
मंत्री जी- वो कहा सो रहे थे ,कहा सो रहे थे उस समय बोलते न क्यों नहीं बोले ?
एक शब्द बोले है क्या कही ? कटिंग लाके मुझे बता दे ? आज भाषण ठोक रहे है। उस समय जाते ना अशोक गेहलोत के पास। अभी ये गारंटी ले ,और जाके कहे इनके नेताओ से की हम ये बांध निरस्त करेंगे। ये स्टेटमेंट आना चाहिए। तो मैं रुकूंगा बोलो। है उनकी क्षमता। नहीं है वो केवल भड़काने में लगे है इन लोगो को मदद नहीं मिलने से क्योंकि इतना अच्छा पैकेज हमने किया है इसके कारण से इनको दर्द हो रहा है की इतना अच्छा पैकेज मिला लोग संतुष्ट होंगे तो हम कहा जायेंगे ? सामने शकल नहीं बता सकते है इसके लिए वो बोल रहे है। वो केवल राजनीती करने के लिए, और ये लोग भी समझ जाये की राजनीती में नहीं पड़ेंगे। इतना अच्छा पैकेज हिन्दुस्थान में कही मिला नहीं अब पहली बार मिलेगा।

रिपोर्टर – बांध से विस्थापित होने वाले लोगो को आप क्या निवेदन करना चाहते है ?
मंत्री जी- मैंने इनसे पहले भी निवेदन किया है की आप जमीन देखिये,सब लोग जमीन देखकर आये है। संतुष्ट है। अब इनकी शंका है की साहब वहां के लोग विरोध कर रहे है तो ये सरकार का काम है यार। सरकार जमीन देगी । आपकी सुरक्षा की गारंटी सरकार लेगी। इनके पेड़ पौधे है इनकी गिनती हम करेंगे। उनका भी हम मुआवजा देंगे। इनके कुआ बावरी है इनका भी करेंगे। इनके मवेशी का बाड़ा बनाकर रखा है हम उसका भी देंगे। कुछ नहीं छोड़ेंगे।
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श्रीमान मंत्री महोदय TEd मंत्री बाबूलाल खराड़ी साब बूजा सक साडमारिय बाधा नहीं बनना चाहिए या फिर मुअज़वा में बढ़ोतरी की जाए 8लाख 35हजार से कुछ नहीं होने वाला उसमें एक शौचालय भी नहीं बनता मंत्री महोदय जी आदिवासी समाज के बारे में कुछ सोचिए